कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. भानु प्रताप और अधिष्ठाता एवं सह-निदेशक (मात्स्यिकी) डॉ. सीपी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कम लागत में उन्नत मत्स्य पालन से अधिक लाभ प्राप्त करने के तरीके बताए। इस प्रशिक्षण में क्षेत्र के 25 प्रगतिशील मत्स्य कृषकों ने भाग लिया, जिनमें गुरचरण निषाद उर्फ डॉक्टर, महेश निषाद, घनश्याम निषाद और मोहम्मद शामिन प्रमुख थे। सभी प्रतिभागी किसानों को अधिष्ठाता द्वारा प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों ने किसानों कोगया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों ने किसानों को मछली पालन के आधुनिक गुर सिखाए। डॉ. एसके वर्मा ने मछली पालन की आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। डॉ. अजय कुमार यादव ने 'समग्र मछली पालन' की उपयोगिता समझाई, जबकि डॉ. सुमन डे ने प्रशिक्षण की बारीकियों और प्रबंधन पर प्रकाश डाला।इस कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिक सदस्य डॉ. प्रकाश यादव, डॉ. तारकेश्वर, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. सौरभ वर्मा और डॉ. उत्कर्ष सिंह भी उपस्थित रहे। इन वैज्ञानिकों ने किसानों को मिट्टी और पानी की जांच के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। अंत में, डॉ. शिव जी सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के तत्वावधान में मात्स्यिकी उद्यमिता प्रशिक्षण केंद्र, कर्नलगंज
February 04, 2026
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आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के तत्वावधान में मात्स्यिकी उद्यमिता प्रशिक्षण केंद्र, कर्नलगंज में एक दिवसीय मत्स्य कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय किसानों को मछली पालन की आधुनिक तकनीकों से जोड़ना और उनकी आय में वृद्धि करना रहा।
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